ठगे गए अन्नदाता… तीन महीने पहले बेचा गेहूं, पैसा मांगने पहुंचे तो थमा दिया सड़ा हुआ अनाज

भोपाल: किसान का एक एक दाना खरीदने का दावा करती सरकार को उसके ही कर्मचारी धता दिखाते नजर आ रहे हैं। अच्छी कीमत मिलने की आस में सरकारी उपार्जन केन्द्र को तीन माह पहले बेचे गए गेहूं की रकम चुकाने के समय सड़ा हुआ गेंहू वापस थमा दिया गया है। अपने साथ हुई इस सरकारी दोगलाई से किसान आहत हैं। अपना अधिकार हासिल करने के लिए वे सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
मामला बैरसिया और नजीराबाद के उपार्जन केन्द्रों से जुड़ा हुआ है। एक दर्जन किसानों ने अप्रैल माह में नज़ीराबाद सोसायटी के मजीदगढ गेंहू खरीदी केंद्र पर 400 क्विंटल गेंहू बेचा था। बताया जाता है कि अपनी फसल बेचने वाले इन किसानों में एक को छोड़कर बाकी सभी 11 किसान छोटे हैं। जिन्होंने 20 क्विंटल से कम गेंहू बेचा था। बताया जाता है कि अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद में किसानों ने कई कई दिन तक अपनी फसल को रोक रखा था, जिसके बाद गेंहू खरीदी केंद्र पर बेचा था।

फिर हो गया सरकारी धोखा

सरकारी केंद्रों पर बेचे गए गेंहू के पैसे की आस लगाए किसानों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब 2 माह बाद भी उन्हें गेंहू का पैसा नहीं मिला। इसके विपरीत सोसायटी ने किसानों को उनका गेंहू वापस लौटाने का फरमान जारी कर दिया। सोसायटी का कहना है कि उनके द्वारा बेचा गया गेहूं निम्न गुणवत्ता का और सड़ा हुआ है। जबकि किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी बेहतर फसल सोसायटी के हवाले की थी, जिसका बिक्री के समय निरीक्षण भी किया गया था।
किसानों का ये आरोप भी है कि जब उन्होंने गेंहू दिया था, उस समय बोरी अलग थी और अब जब वापस कर रहे हैं, तब अलग बोरी है, जिस पर उनका टैग भी नहीं लगा है।

आंदोलन के मूड में किसान

परेशान किसानों के समर्थन में भारतीय किसान संघ उतर आया है। संघ ने बुधवार को किसानों के साथ जाकर बैरसिया तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। भारतीय किसान संघ तहसील मंत्री देवेंद्र दांगी ने कहा कि ये सीधे सीधे किसानों से धोखाधड़ी है। अगर एक सप्ताह में मामले का निराकरण नहीं किया गया तो भारतीय किसान संघ सड़कों पर उतर कर किसानों के साथ प्रदर्शन करेगा।


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